Wednesday, 6 May 2020

भक्ति से भगवान

           "भक्ति न करने से बहुत दु:ख होगा"
सूक्ष्मवेद में कहा हैं:- 
        यह संसार समझदा नाहीं,कहंदा शाम दुपहरे नूँ।
गरीबदास यह वक्त जात हैं, रोवोगे इस पहरे नूँ।।
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आध्यात्मिक ज्ञान के अभाव से परमात्मा के विधान से परीचित न होने के कारण यह प्राणी इस दुःखों के घर संसार में महान कष्ट झेल रहा है और इसी को सुख स्थान मान रहा है।

उदाहरण👇👇👇
जैसे एक व्यक्ति जून के महीने में दिन के 12 या 1 बजे, हरियाणा प्रान्त में शराब पीकर चिलचिलाती धूप में गिरा पड़ा है, पसीनों से बुरा हाल है, रेत शरीर से लिपटा है। एक व्यक्ति ने कहा हे भाई! उठ, तुझे वृक्ष के नीचे बैठा दूँ, तू यहाँ पर गर्मी में जल रहा है। शराबी बोला कि मैं बिल्कुल ठीक हूँ, मौज हो रही है,कोई कष्ट नहीं है।
विचार करें :- शराब के नशे में घोर धूप के ताप को झेल रहा था। फिर भी कह रहा था कि मौज हो रही है।
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सन्त गरीबदास जी ने बताया है कि मनुष्य जन्म प्राप्त करके जो व्यक्ति भक्ति नहीं करता, वह कुत्ते, गधे आदि-आदि की योनि में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात्रि में आसमान की ओर मुख करके रोता है। इसलिए गरीबदास जी ने बताया है कि यह मानव शरीर का वक्त एक बार हाथ से निकल गया और भक्ति नहीं की तो इस समय (इस पहरे) को याद करके रोया करोगे।

अधिक जानकारी के लिए देखे
हर शाम साधना टीवी 7:30 बजे से

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