5 June 2020कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस
कबीर परमात्मा ही अमर परमात्मा हैं।
कबीर साहेब जी 600 साल पहले काशी शहर मे प्रकट हुए तथा वहां अपनी लीला शुरू की तो कुछ लोगों को सच्चाई हजम नहीं हुई और राजा सिकंदर लोधी द्वारा कबीर परमात्मा को मारने के 52 बार प्रयत्न किए जिससे कबीर साहेब का एक भी बाल बांका नहीं हुआ अर्थात मरे नहीं!!!
कुछ व्यर्थ के प्रयत्न आपको यहां बता रहे है।
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1. खूनी हाथी से मरवाने की व्यर्थ चेष्टा
शेखतकी के कहने पर दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी ने कबीर परमेश्वर को खूनी हाथी से मरवाने की आज्ञा दे दी। शेखतकी ने महावत से कहकर एक दो शीशी शराब पिलाने को कहा।
हाथी मस्ती मे भरकर कबीर परमेश्वर को मारने चला। कबीर जी के हाथ पैर बांधकर पृथ्वी पर डाल रखा था। जब हाथी परमेश्वर से 10 कदम दूर रह गया तो परमेश्वर कबीर के पास बब्बर शेर खडा केवल हाथी को ही दिखाई दिया। हाथी डर से चिल्लाकर भागने लगा। परमेश्वर के सब रस्से टूट गए। उनका तेजोमय विराट रूप सिकंदर लोधी को दिखा। तब सिकंदर लोधी ने कांपते हुए चरणों में पडकर अपने गुनाह की माफी मांगी।।
2. उबलते तेल में जलाने की चेष्टा
परमेश्वर कबीर जी को जीवित जलाने के लिए उन्हें उबलते तेल के कडाहे में डाला गया। लेकिन समर्थ अविनाशी परमात्मा का बाल भी बांका नहीं हुआ।
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शेखतकी ने जुल्म गुजारे,बावन करी बदमाशी।
शेखतकी ने ईर्ष्या वश कबीर साहेब को मारने के लिए 52 प्रकार के षडयंत्र रचे। जिसे बावन कसनी कहते हैं।
वह हर बार असफल रहा।
क्योंकि अविनाशी का नाश करने में कोई सक्षम नहीं।
यदि आम संत होते तो मारे जाते।
कबीर साहेब पूर्ण ब्रह्म हैं, सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, उनका एक तत्व का नूरी अमर शरीर हैं।
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