Saturday, 19 March 2022

कुल का मालिक कौन है? प्रमाण सहित।


:- वह परमात्मा कौन है जो कुल का मालिक है, कहाँ प्रमाण है?

उत्तर:- वह परमात्मा ‘‘परम अक्षर ब्रह्म’’ है जो कुल का मालिक है।
प्रमाण:- श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 15 श्लोक 1 से 4 तथा 16-17 में है। गीता अध्याय 15 श्लोक 1 से 4 का सारांश व भावार्थ है कि ‘‘उल्टे लटके हुए वृक्ष के समान संसार को जानो। जैसे वृक्ष की जड़ें तो ऊपर हैं, नीचे तीनों गुण रुपी शाखाएं जानो। गीता अध्याय 15 श्लोक 1 में यह भी स्पष्ट किया है कि तत्वदर्शी सन्त की क्या पहचान है? तत्वदर्शी सन्त वह है जो संसार रुपी वृक्ष के सर्वांग (सभी भाग) भिन्न-भिन्न बताए।
विशेष:- वेद मन्त्रों की जो आगे फोटोकाॅपियाँ लगाई हैं, ये आर्यसमाज के आचार्यों तथा महर्षि दयानंद द्वारा अनुवादित हैं और सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली द्वारा प्रकाशित हैं। जिनमें वर्णन है कि परमेश्वर स्वयं पृथ्वी पर सशरीर प्रकट होकर कवियों की तरह आचरण करता हुआ सत्य अध्यात्मिक ज्ञान सुनाता है। (प्रमाण ऋग्वेद मण्डल नं. 9 सुक्त 86 मन्त्र 26-27, ऋग्वेद मण्डल 9 सुक्त 82 मन्त्र 1-2, सुक्त 96 मन्त्र 16 से 20, ऋग्वेद मण्डल 9 सुक्त 94 मन्त्र 1, ऋग्वेद मण्डल 9 सुक्त 95 मन्त्र 2, ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 20 मन्त्र 1, ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 54 मन्त्र 3 में) इन मन्त्रों में कहा है कि परमात्मा सर्व भवनों अर्थात् लोकों के उपर के लोक में विराजमान है। जब-जब पृथ्वी पर अज्ञान की वृद्धि होने से अधर्म बढ़ जाता है तो परमात्मा स्वयं सशरीर चलकर पृथ्वी पर प्रकट होकर यथार्थ अध्यात्म ज्ञान का प्रचार लोकोक्तियों, शब्दों, चैपाईयों, साखियों, कविताओं के माध्यम से कवियों जैसा आचरण करके घूम-फिरकर करता है। जिस कारण से एक प्रसिद्ध कवि की उपाधि भी प्राप्त करता है। कृपया देखें उपरोक्त मन्त्रों की फोटोकाॅपी इसी पुस्तक के पृष्ठ 314 पर।

परमात्मा ने अपने मुख कमल से ज्ञान बोलकर सुनाया था। उसे सूक्ष्म वेद कहते हैं। उसी को ‘तत्व ज्ञान’ भी कहते हैं। तत्वज्ञान का प्रचार करने के कारण परमात्मा ‘‘तत्वदर्शी सन्त’’ भी कहलाने लगता है। उस तत्वदर्शी सन्त रूप में प्रकट परमात्मा ने संसार रुपी वृक्ष के सर्वांग इस प्रकार बताये:-
कबीर, अक्षर पुरुष एक वृक्ष है, क्षर पुरुष वाकि डार। तीनों देवा शाखा हैं, पात रुप संसार।।
भावार्थ: वृक्ष का जो हिस्सा पृथ्वी से बाहर दिखाई देता है, उसको तना कहते हैं। जैसे संसार रुपी वृक्ष का तना तो अक्षर पुरुष है। तने से मोटी डार निकलती है वह क्षर पुरुष जानो, डार के मानो तीन शाखाऐं निकलती हों, उनको तीनों देवता (रजगुण ब्रह्मा जी, सतगुण विष्णु जी तथा तमगुण शिव) हैं तथा इन शाखाओं पर टहनियों व पत्तों को संसार जानों। इस संसार रुपी वृक्ष के उपरोक्त भाग जो पृथ्वी से बाहर दिखाई देते हैं। मूल (जड़ें), जमीन के अन्दर हैं। जिनसे वृक्ष के सर्वांगों का पोषण होता है। गीता अध्याय 15 श्लोक 16-17 में तीन पुरुष कहे हैं। श्लोक 16 में दो पुरुष कहे हैं ‘‘क्षर पुरुष तथा अक्षर पुरुष’’ दोनों की स्थिति ऊपर बता दी है। गीता अध्याय 15 श्लोक 16 में भी कहा है कि क्षर पुरुष तथा अक्षर पुरुष दोनों नाशवान हैं। इनके अन्तर्गत जितने भी प्राणी हैं, वे भी नाशवान हैं। परन्तु आत्मा तो किसी की भी नहीं मरती। 

गीता अध्याय 15 श्लोक 17 में कहा है कि उत्तम पुरुष अर्थात् पुरुषोत्तम तो क्षर पुरुष और अक्षर पुरुष से भिन्न है जिसको परमात्मा कहा गया है। इसी प्रभु की जानकारी गीता अध्याय 8 श्लोक 3 में है जिसको ‘‘परम अक्षर ब्रह्म‘‘ कहा है। गीता अध्याय 15 श्लोक 17 में इसी का वर्णन है। यही प्रभु तीनों लोकों में प्रवेश करके सबका धारण-पोषण करता है। यह वास्तव में अविनाशी परमेश्वर है। मूल से ही वृक्ष की परवरिश होती है, इसलिए सबका धारण-पोषण करने वाला परम अक्षर ब्रह्म है। जैसे पूर्व में गीता अध्याय 15 श्लोक 1-4 में बताया है कि ऊपर को जड़ (मूल) वाला, नीचे को शाखा वाला संसार रुपी वृक्ष है। जड़ से ही वृक्ष का धारण-पोषण होता है। इसलिए परम अक्षर ब्रह्म जो संसार रुपी वृक्ष की जड़ (मूल) है, यही सर्व पुरुषों (प्रभुओं) का पालनहार इनका विस्तार (रचना करने वाला = सृजनहार) है। यही कुल का मालिक है। यह वही है जो काशी शहर (भारत) में जुलाहा था। कबीर नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 16: क्या रजगुण ब्रह्मा, सतगुण विष्णु तथा तमगुण शंकर (शिव) की पूजा (भक्ति) करनी चाहिए?
उत्तर: नहीं। 

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Wednesday, 16 March 2022

Holi Special

#राम_नाम_की_होली
असली होली तो वह है जिस दिन हमें तत्वदर्शी संत की शरण मिले, जो पूर्ण परमात्मा को पाने का वास्तविक भक्ति मार्ग बताते हैं। पढ़ें पुस्तक "ज्ञान गंगा"

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इस होली पर जानें उस पूर्ण परमेश्वर के बारे में जिसने नरसिंघ रूप धर कर प्रह्लाद की रक्षा की। पढ़ें पुस्तक "ज्ञान गंगा
जिस प्रकार भक्त प्रह्लाद ने भक्ति करके परमेश्वर को याद किया जिससे उसकी सदैव रक्षा हुई। तो क्यों ना हम भी उस परमेश्वर को सदा याद करें जिससे हमारी भी सदैव रक्षा हो।
आइए इन नकली रंगों को छोड़कर राम नाम की वास्तविक होली खेलें। पढ़ें निःशुल्क आध्यात्मिक पुस्तक ज्ञान गंगा 


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Monday, 14 March 2022

गरीब दास जी बोध दिवस

 संत गरीब दास जी महाराज का बोध दिवस पर विशेष प्रोग्राम
 #संतगरीबदासजी_बोधदिवस_15मार्च
संत गरीब दास जी का जन्म गांव- छुड़ानी जिला- झज्जर प्रांत - हरियाणा में सन् 1717 (विक्रमी संवत 1774) में हुआ।
फाल्गुन मास की सुदी द्वादशी को दिन के लगभग 10 बजे परम अक्षर ब्रह्म (परमेश्वर कबीर साहेब) दस वर्षीय गरीबदास जी को जिंदा महात्मा के वेश में मिलें और ज्ञानोपदेश दिया।
देखिए विशेष
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15th March Live Program  साधना टीवी पर सुबह 09.15 बजे से 12.00 बजे तक।
Saint Rampal Ji Maharaj के सानिध्य में।

Monday, 19 April 2021

कोरोना महामारी से बचाव,Corona Se Bachav

वर्तमान में पूर्ण संत रामपाल जी महाराज ही है।
पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ही है। जिन्होंने सर्व सृष्टि की रचना की है,हम सब को बनाया है कबीर परमात्मा ने।
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आज महामारीयों से दुनिया परेशान है और बीमारियों से ग्रस्त है। आज के समय जरूरी है कि सच्चे परमात्मा कबीर साहेब की शरण ग्रहण करके सारी बीमारियों से छुटकारा पायें और अपने जन्म मृत्यु के चक्र को भी दूर करें।


हमारे जीवन में जो भी दुख आते हैं हमारे पाप कर्मों के कारण आते हैं और यह पाप कर्म सिर्फ शास्त्र अनुसार सतभक्ति करने से ही समाप्त हो सकते हैं जो वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज बता रहे हैं। आओ और अपना कल्याण कराओ।

परमात्मा कबीर साहेब की सतभक्ति पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी से प्राप्त करने से ही हो सकता सब दुखों का अंत
ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 163 मंत्र 1
परमात्मा कबीर हमारे सभी पाप कर्म व कष्टों को दूर कर देता है। और महामारी से सिर्फ परमात्मा कबीर साहेब ही हमारी रक्षा कर सकते हैं।
पूर्ण संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने के बाद कबीर परमात्मा मृत्यु को भी टाल देता है।
संत शरण में आने से आई टले बला। 
जो मस्तक में सूली हो वह कांटे में टल जा।।
सभी शंकाओं के समाधान हेतु विजिट करें।
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Watch Sadhna tv 7:30 pm Daily 


Tuesday, 11 August 2020

Krishna Janmastmi

पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब जी हैं
पूर्ण परमेश्वर कभी माँ के गर्भ से जन्म नहीं लेता। लेकिन श्रीकृष्ण जी ने तो माँ के गर्भ से जन्म लिया है जबकि परमात्मा कबीर साहेब जी काशी के कमल के फूल पर प्रकट हुए।

पूर्ण परमात्मा
कबीर साहेब ने मृत कमाल ओर कमाली को जीवित कर दिया 
जबकि कृष्ण जी अपने भांजे अभिमन्यु को जीवित न कर सके।
ऐसी लीला सिर्फ पूर्ण परमात्मा ही कर सकते हैं। 
समर्थ परमात्मा
दुर्वासा ऋषि के श्राप के कारण सारा यादव कुल नष्ट हो गया भगवान कृष्ण के सामने।
पूर्ण परमात्मा कबीर जी तीन ताप के कष्ट से बचाते हैं और प्रारब्ध के लेखे को भी परिवर्तित कर सकते हैं। 
तत्वदर्शी संत 
गीता जी अध्याय 4 श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता परमात्मा की प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत की शरण में जाने के लिए कह रहा है। वो तत्वदर्शी महात्मा संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं। उनसे नाम उपदेश लेकर मोक्ष प्राप्त करें। 

Visit

अधिक जानकारी के लिए देखिये- 
साधना टीवी चैनल रात्रि
7.30 बजे से 8.30 बजे तक

Friday, 31 July 2020

Eid special 2020

मुसलमान धर्म गुरूओ को अल्लाह की सही जानकारी नहीं हैं।
रब_की_रूह_न_मार 
अल्लाह की वास्तविक जानकारी के लिए देखिए
साधना टीवी हर शाम 
7:30 बजे से
मांस खाना महापाप
कबीर, मांस मछलिया खात हैं, सुरापान से हेत। 
ते नर नरकै जाहिंगे, माता पिता समेत।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं जो मनुष्य मांस, मछली खाते हैं वह नरक में माता पिता के साथ जाते हैं। मांस खाना महापाप है। यह हमारे किसी भी धर्म की पवित्र पुस्तक में नही लिखा है। 
अल्लाह मासूम जानवरों की कुरबानी से खुश नहीं होता
जो गल काटै और का, अपना रहै कटाय।
साईं के दरबार में बदला कहीं न जाय॥
जो व्यक्ति किसी जीव का गला काटता है उसे आगे चलकर अपना गला कटवाना पड़ेगा। परमात्मा के दरबार में करनी का फल अवश्य मिलता है।
मांस खाना हराम
नबी मुहम्मद नमस्कार है, राम रसूल कहाया, 1लाख 80 को सौगंध जिन नहीं करद चलाया।
अरस कुरस पर अल्लह तख्त है खालिक बिन नहीं खाली,
वे पैगंबर पाक़ पुरुष थे, साहिब के अब्दाली।।
गरीबदासजी बताते हैं कि नबी मुहम्मद जी परमात्मा की बहुत नेक आत्मा थी। उन्होंने कभी मांस नहीं खाया, न अपने 1,80,000 शिष्यों को खाने को कहा।
"अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram Youtube चैनल पर visit करें" 

अधिक जानकारी के लिए देखिए-
साधना टीवी चैनल रात्रि,
7.30 से 8.30 बजे तक

Wednesday, 1 July 2020

Bollywood

Bollywood बिल्कुल गलत हैं और Bollywood से संस्कृति और संस्कार खत्म हो रहे है।
 फिल्मों मे अश्लीलता दिखाई जाती हैं। जिससे छोटे छोटे बच्चों पर गलत असर पडता हैं और वह बच्चे बडे होकर गलत कदम उठाते हैं। जैसे- रेप,ब्लात्कार आदि।
Bollywood बिल्कुल बंद कर देना चाहिए। और बच्चों और बडे व्यक्तियों को सत्संग सुनना चाहिए और विचार करना चाहिए की हमें मनुष्य जीवन क्यों मिला हैं
सत्संग जरूर सुने एक बार 
देखें
साधना टीवी हर शाम 
7:30 बजे से 
ईश्वर टीवी हर शाम 
8:30 बजे से 
श्रद्धा टीवी हर दोपहर
02:00 बजे से
अधिक जानकारी के लिए
Visit करें।
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Jagatgururampalji.org